Thursday, November 25, 2010

मोकामा

सोने से तुलने लगे दो कौरी के लोग ।
मूर्खों को सम्मान दें कैसे कैसे योग ।
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इतने बड़े विधानसभा मैं जड़. यु न आर. जे. डी किसी को कोई पढ़ा लिखा उम्मीदबार मिला । लोग मजबूर है आपराधी को झेलने को ॥
सच ही कहा है....
फ़ैल रहा है देश मैं एक भयंकर रोग ।
नैतिकता समझा रहे सभी अनेतिक लोग।
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मोकामा से अनंत कुमार सिंह ने फ़तेह हासिल कर लिया है ,उम्मीद है वो जनता के लिए काम करेंगे
अनंत सिंह ने सोनम देवी को 8954 वोटों से हरा कर विधानसभा मैं अपनी रह बनाई।..............

मोकामा (Mokama) विधानसभा क्षेत्र

मोकामा (Mokama) विधानसभा क्षेत्र
जिला पटना
लोकसभा मुंगेर
सांसद Rajiv Ranjan Singh
पार्टी Janta Dal United
कुल मतदाता 318547

Tuesday, October 26, 2010

ये लिखेन्गे मोकामा का इतिहास

Two JD-U candidates haven’t aged since 2005
Patna, Oct 26 (IANS) Looks like two Bihar legislators have not aged since the last assembly elections in 2005. One is still aged 41 in official records while another has actually gotten younger!

Anant Singh of the ruling Janata Dal-United (JD-U) stated in the last elections that he was 49, but this year he said he was only 41. Ajit Kumar of the same party said in 2005 and now that he was 41 years old, National Election Watch coordinator Anjesh Kumar told IANS.

Anant Singh is a legislator from Mokama while Ajit Kumar from Kanti seat.

Anjesh Kumar said the Election Commission should take action against them for cheating.

Anant Singh, locally known as Chhote Sarkar, is feared for his money and muscle power. There are dozens of criminal cases including those of murder and kidnapping registered against him.

source:-Thaindian News
अनंत कुमार: छोटे सरकार के नाम से प्रसिद्ध 46 वर्षीय अनंत कुमार जेडीयू के टिकट पर मोकामा से चुनाव लड़ रहे हैं.उन्‍होंने लोकजनशक्ति पार्टी के सांसद सूरजभान सिंह के भाई ललन सिंह को साल 2005 में हुए चुनावों में करारी मात देकर मोकामा सीट पर कब्‍ज़ा जमाया था.अनंत सिंह को जेडीयू नेतृत्‍व के काफी क़रीब माना जाता है. उनके ऊपर दर्जन भर से ज्‍यादा हत्‍या, फिरौती और अपहरण के मामले दर्ज़ हैं.
सौजन्यः-आजतक

आवाज

तख्त बदल दो ताज बदल दो

कल ना बद्ला आज बदल दो

तोरो तोरो तिलस्म आज

बैइमानो का राज बदल दो

Monday, October 25, 2010

विद्रोह

मोकामा मैं चुनाव नजदीक है बिगुल बज चूका है पता नहीं मैं अपने आप को रोक नहीं पा रहा हूँ मोकामा विधानसभा के चुनावी समर में इस बार चार बाहुबली ताल ठोंक रहे हैं। सत्ताधारी जद (यू) की ओर से मौजूदा विधायक अनंत सिंह, राजद-लोजपा गठबंधन की ओर से ललन सिंह की पत्नी सोनम देवी, संजय सिंह और मिट्ठू यादव बतौर निर्दलीय उम्मीदवार किस्मत आज़माएंगे। विगत दो विधानसभा चुनावों में अनंत सिंह और ललन सिंह के बीच सीधा मुक़ाबला होता रहा है. दोनों चुनावों में बाज़ी ललन सिंह के विपक्षी अनंत सिंह के हाथ लगती रही है, लेकिन इस बार इन दोनों को अपनी राह के दो रहबरों से चुनौती मिलने जा रही है. चारों बाहुबली जहां अपनी मुश्कें कस रहे हैं, वही आम लोग असमंजस में हैं कि आखिर किस बाहुबली के गले में विजय माला डाली जाए. चुनाव लड़नेवाले प्रत्याशियों का कम-से-कम मैटिक पास होना जरूरी हो, कभी इसकी वकालत भाजपा सांसद मशहूर वकील राम जेठमलानी ने की थी. अगर उनकी बात मान ली गयी होती, तो मोकामा से अनंत कुमार नामांकन दाखिल नहीं कर पाते. जी हां, जदयू के उम्मीदवार अनंत सिंह के पास कोई डिग्री नहीं है. वे सिर्फ साक्षर हैं,लोजपा की सोनम देवी नौवी पास है .इन उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान जो शपथ पत्र दिये हैं, उसमें उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता का विवरण भी दिया है। इनके गुणों की चर्चा नहीं करूँगा ये इतने बड़े है की किताब लिखी जा सकती है , जो निर्दलीय उम्मीदवार है उनकी बात नहीं पर जिनको पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है मेरा प्रश्न उनसे है क्या आप यही भविष्य देंगे बिहार को साक्षर और नौवी पास आपको पुरे मोकामा मैं एक भी ऐसा पड़ा लिखा नहीं मिला जिसे आप जनता के बीच भेज सके .लानत है आप सब पर जो मोकामा के लोगो को ऐसा उम्मीदवार दे कर मोकामा को और पीछे ले जाने का साजिश कर रहे है अभी आप जो कर ले पर मोकामा की जनता ही आपको सबक भी देगी
अनुरोध :-
राजनीति अच्छे लोगों के लिए नहीं है और यह आम चलन है पर ओशो रजनीश ने कहा कि जब तक अच्छे लोग राजनीति के सम्बंध में ऐसी विचारधारा रखेंगें बुरे लोग राजनीति में आतें रहेंगें। जागो मेरे गाउँ जागो जागो मेरे मोकामा वालों जागो इससे पहले की देर भी देर हो हो जाये अपनी पहचान बुलंद करो जरा यद् करो प्रफूला चाकी , यद् करो राम नन्दन बाबु , देखो अपने बुजुर्गों को , अपने बच्चों को क्या तुम इन्हें यही भविष्य दोगे क्या यही अनपढ़ लोग हमारे बच्चों का विकास करेंगे
जारो सोचो और वही करो जो दिल कहे . अपनी लड़ाई हमें खुद लड़नी होगी कमर कास लें
बाकि उम्मीद है .....



Thursday, October 22, 2009

ये किसका बिहार है


"समय शेष है नही पाप का भागी केवल व्याध ।
जो तटस्थ है समय लिखेगा उनका भी अपराध । । "
:- राम धारी सिंह दिनकर :-


Wednesday, August 19, 2009

उम्मीद

"मिला दे खाक में हस्ती
अगर कुछ मर्तबा चाहे ।
की दाना खाक में मिलकर
गुले गुलजार होता है ॥"
किसी ने सच ही कहा है कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है । अगर आपके अन्दर कुछ करने की चाह है तो कोई आपकी मंजिल को आपसे अलग नही कर सकता है । जिसने जब कोई कम दिल से ठान तो वो कर सकता है चाहे परिस्थिथि कितनी ही विपरीत क्यों न हो । अपने लक्ष्य को सामने रखकर जो लगन से उस काम में लग जाता है उसे मंजिल मिल ही जाती है।
एक शेर अर्ज है :---
"भटको न अपने पथ से
तो सब कुछ पा सकते हो प्यारे
तुम भी ऊँचे उठ सकते हो
छु सकते हो नभ के तारे "
बड़े बड़े लोगों की जीवनी उठा कर देख लें सब ने अपने आरम्भिक जीवन में काफी दुःख झेले है पर उनलोगों ने डटकर उसका मुकाबला किया ओर उससे जीता तो ही आज उनका नाम है नही तो वो भी आज एक आम इन्सान की तरह ही होते ।

Tuesday, August 11, 2009

बाटा नगर (मोकामा)


भारत का दूसरा सबसे बड़ा बाटा नगर मोकामा में ही है । कलकत्ता में सबसे बड़ा बाटा नगर नगर है । मोकामा का बाटा नगर लगभग की मी में फैला हुआ है । यही से पुरे बिहार , ऊ प , झारखण्ड , दिल्ली तक जूते चप्लों की सप्लाई होती है। लगभग २००० लोग यंहा कम करते है ।

भारत वैगन एण्ड इंजिनियरिंग कम्पनी ( मोकामा )



भारत वैगन एण्ड इंजिनियरिंग कम्पनी (बी.डब्लू.ई.एल) आई.एस.ओ.-9001:2000 प्रमाणित एक केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। यह भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत, भारी उद्योग विभाग में 13.08.2008 तक था। 13.08.2008 के अपरान्ह से इस कम्पनी का प्रशासनिक नियंत्रण रेल मंत्रालय को स्थानान्तरित कर दिया गया है।दिसम्बर 1978 में दो निजी क्षेत्र की रूग्न वैगन विनिर्माता कम्पनियों मेसर्स आर्थर बटलर कम्पनी लिमिटेड, मुजफ्फरपुर एवं मेसर्स ब्रिटेनियॉ इंजिनियरिंग कम्पनी लिमिटेड (वैगन प्रभाग) मोकामा का अधिग्रहण कर भारत वैगन को निगमित किया गया है। एल.पी.जी. सिलिण्डर के निर्माण के लिए इंडस्ट्रियल स्टेट बेला, मुजफ्फरपुर को वर्ष 1983-84 में कम्पनी की तीसरी विनिर्माण इकाई के रूप में शामिल किया गया है। वर्ष 1986 में भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन भारत भारी उद्योग निगम की समानुषंगी इकाई के रूप में कम्पनी को शामिल किया गया।मुजफ्फरपुर एवं मोकामा की दोनों इकाईयाँ पारंपरिक रूप से वैगन विनिर्माण कार्य से जुड़ा कारखाना है। अभिविन्यास, संयंत्र एवं यंत्र-समूह तथा स्थान, इस उत्पाद के लिए आदर्श रूप से उपयुक्त है। स्टील संरचना में आधे शतक से अधिक के प्रचुर अनुभव के साथ, भारत वैगन में बड़े स्टील संरचना कार्य के लिए जरूरी प्रायः सभी आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध हैं। 316 मि.टन क्षमता के ब्रेक प्रेस की उपलब्धता इस दिशा में एक दुर्लभ परिसम्पति है। सभी तीनों इकाईयाँ विद्युत आपूर्ति के मामले में डी.जी. सेटों की उपलब्धता के कारण आत्मनिर्भर हैं। कारखानों के प्रमुख रेलवे स्टेशनों के पास होने के कारण प्रचालन में सुविधा संभव हो सकी है।

राजेंद्र पुल मोकामा


मोकामा का राजेंन्द्र पुल एकमात्र ऐसा पुल है जो पुरे उत्तर बिहार को जोड़ता है । मोकामा का राजेंद्र पुल भारत का सबसे मजबूत लोहे का पुल है , इस पुल का नीचे का भाग रेलगाडी के लिए ओर ऊपर का मोटर गाड़ी के लिए है।

लगभग ३ किलोमीटर लंबा पुल है । ये पुल मोकामा के हथिदह को ओर बेगुसराय के सिमरारिया की जोरता है।

गंगा की पवन धाराओं को इस पुल से देखना सचमुच लाजबाब होता है । इस पुल की मजबूती ओर सुन्दरता का क्या कहना , लोग कहते इस पुल को बनाने में ३ -४ साल का वक्त लगा था । लगभग १०,००० हजार लोग इसमे कम करते थे ।
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