
फिसलना तय था मेरा
बर्फ के पहाड़ों से
पर अपने आप को
मैंने भी आजमाना था
बर्फ के पहाड़ों से
पर अपने आप को
मैंने भी आजमाना था

India Post released a stamp on 11th December 2010 of Prafulla Chandra Chaki, a freedom fighter who sacrificed his life for Independence।Prafulla Chaki was born on December 10, 1888 in the Bihari village of Bogra district, now in Bangladesh. Prafulla Chhaki was a Bengali revolutionary associated with the Jugantar group of revolutionaries who carried out assassinations against British colonial officials in an attempt to secure Indian independence.
Date Of Issue:- 11.12.2010.
वो लड़ते रहे अंगरेजों से और जब आखिरी गोली बची तो उसे चूमकर अपने आप को मार लिया । जी हाँ ये कहानी चंद्रशेखर आजाद की लगती है , पर एक और आज़ादी का दीवाना था जिनसे आखिरी गोली से अपने आप को उडा लिया ।
ग्स्फोर्ड (जो की कलकत्ता के मजिस्ट्रेट थे) को मारने का विचार किया । अप्रैल ३० १९०८ जब किंग्स्फोर्ड एक बग्ग्घी में जा रहा था तो खुदीराम बोस और प्रफुल्ला चाकी ने उसपर बम से हमला कर दिया , पर दुर्भाग्य से किंग्स्फोर्ड उस बग्ग्घी में सवार नही था और वो वच गया । जब प्रफुल्ला और खुदीराम को ये बात पता चली की किंग्स्फोर्ड बच गया और उसकी जगह गलती से दो महिलाएं मारी गई तो वो दोनों थोरे से निराश हुए वो दोनों ने अलग अलग भागने का विचार किया और भाग गए । खुदीराम बोस तो मुज्जफर पुर में पकरे गए पर प्रफुल्ला चाकी जब रेलगारी से भाग रहे थे तो समस्तीपुर में एक पुलिस वाले को उनपर शक हो गया वो उसने इसकी सूचनाआगे दे दी , शिनाक्त शिनाक्त हुई जब इसका अहसाह हुआ तो वो मोकामा रेलवे स्टेशन पर उतर गए पर पुलिस ने पुरे मोकामा स्टेशन को घेर लिया था दोनों और से गोलियां चली पर जब आखिरी गोली बची तो प्रपुल्ला चाकी ने उसे चूमकर ख़ुद को मार लिया और सहीद हो गए , पुलिस ने उनके शव को अपने कब्जे लेकर उनका सर काटकर कोलकत्ता भेज दिया ,वहां पर प्रफुल्ला चाकी के रूप में उनकी शिनाख्त हुई ।..


| मोकामा (Mokama) विधानसभा क्षेत्र | |
| जिला | पटना |
| लोकसभा | मुंगेर |
| सांसद | Rajiv Ranjan Singh |
| पार्टी | Janta Dal United |
| कुल मतदाता | 318547 |